ही से अनुनय-विनय करना उचित समझती। अपनी भूल अपने ही हाथों सुधार जाए, तो यह उससे कहीं अच्छा है कि कोई दूसरा उसे सुधाारे।' इंदु को चोट लगी। समझा, यह मुझे धामकी दे रही है। मि. क्लार्क के अधिाकार पर इतना अभिमान! तनकर बोली-मैं नहीं समझती कि किसी राज्याधिाकारी को बोर्ड के फैसले में भी दखल देने का मजाज है, और चाहे एक दिन अंधो पर अत्याचार ही क्यों न करना पड़े, राजा साहब अपने फैसले को बहाल रखने के लिए कोई बात उठा न रखेंगे। एक राजा का सम्मान एक क्षुद्र न्याय से कहीं ज्यादा महत्तव की वस्तु है। सोफ़िया ने व्यथित होकर कहा-इसी क्षुद्र न्याय के लिए सत्यवादी पुरुषों ने सिर कटवा दिए हैं। इंदु ने कुर्सी की बाँह पर हाथ पटककर कहा-न्याय का स्वाँग भरने का युग अब नहीं रहा। सोफ़िया ने कुछ उत्तार न दिया। उठ खड़ी हुई और बोली-इस कष्ट के लिए क्षमा कीजिएगा। इंदु ऍंगीठी
अनुसरण करें, तो आपको शिकायत न होनी चाहिए। आपको दुनिया में इतने दिनों तक रहने के बाद यह अनुभव हो जाना चाहिए था कि लड़कों के बीच में बूढ़ों को न पड़ना चाहिए। इसका नतीजा बुरा होता है। मगर आप इस अनुभव से वंचित थे, तो आपको इस पाठ के लिए प्रसन्न होना चाहिए, जिससे आपको एक परमावश्यक और महत्व पूर्ण ज्ञान प्राप्त हुआ। इसके लिए फरियाद करने की जरूरत न थी।
फिटन उड़ी जाती थी और उसके साथ ताहिर अली के होश भी उड़े जाते थे-मैं समझता था,